Jun 30, 2025

इस सरल विधि से करें भगवान कार्तिकेय की पूजा, कष्ट होंगे दूर

prabhat sharma

​​स्कंद षष्ठी व्रत​​


आज स्कंद षष्ठी व्रत है। इस पवित्र दिन को भगवान कार्तिकेय की आराधना के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है। भगवान कार्तिकेय को शक्ति, वीरता और संतान देने वाले देवता माना जाता है।

Credit: canva

​​मान्यता​​


आज के दिन पूजा करने से भगवान कार्तिकेय का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

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​​पूजा विधि का पहला चरण​​


पूजा वाले स्थान पर लाल या पीले रंग का आसन बिछाएं। धूप या दीपक जलाकर वातावरण को पवित्र करें।

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​​पूजा विधि का दूसरा चरण​​


दीपक, धूप, पुष्प और नैवेद्य भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा के सामने अर्पित करने के बाद हल्दी, कुंकुम, चंदन आदि से तिलक लगाएं।

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​​पूजा विधि का तीसरा चरण​​


'ॐ कार्तिकेयाय नमः' इस मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद आरती करें और भगवान कार्तिकेय से संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।

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​​पूजा विधि का चौथा चरण​​

व्रत की शक्ति बढ़ाने के लिए आप आज के दिन उपवास भी रख सकते हैं। अगर आप पूरा दिन उपवास नहीं रख सकते तो पूरा दिन शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करें।

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​​व्रत के फायदे​​


संतान सुख की प्राप्ति के लिए अगर आप ये व्रत करते हैं तो भगवान कार्तिकेय की कृपा आप पर बरसती है।

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​​कष्ट और बाधाएं होती हैं दूर​​


सभी प्रकार के कष्ट और बाधाएं दूर होने के साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। आत्मविश्वास और शक्ति के संचार के लिए भी स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाता है।

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​​होता है लाभ​​


इस खास दिन पूजा करने से दंपत्ति को संतान का सुख मिलता है। बच्चों की उन्नति और स्वास्थ्य में सुधार के लिए भी स्कंद षष्ठी व्रत किया जाता है।

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