जब द्रौपदी ने बांधी थी श्रीकृष्ण को 'राखी', पढ़ें रक्षा बंधन की ये पौराणिक कथा

कुलदीप राघव

Aug 30, 2023

​कब मनाया जाता है रक्षा बंधन ​

रक्षा बंधन भाई-बहन के असीम प्रेम का प्रतीक है। भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

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Happy Raksha Bandhan Wishes

​बहनें बांधती हैं भाई को राखी​

रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं।

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​दो दिन है रक्षा बंधन​

इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त दो दिन मनाया जा रहा है। दरअसल रक्षाबंधन के त्योहार की पूर्णिमा तिथि दो दिन पड़ने और साथ ही भद्रा का साया रहने के कारण इसको लेकर मतभेद है।

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​प्रचलित हैं कथाएं ​

रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? इसको लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं।

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​कृष्ण और द्रौपदी की कथा​

प्रचलित कथाओं में एक कथा श्रीकृष्ण और द्रौपदी से जुड़ी है।

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​क्या है कथा​

कहते हैं एक बार द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को चोट लगने पर साड़ी का चीर बांधा था, तभी से रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता है।

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​ये है मान्यता​

शिशुपाल को बध करते समय श्रीकृष्ण के तर्जनी उंगली में चोट लग गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का चीर उनकी उंगली पर बांध दिया था।

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​शुरू हो गई परंपरा​

महाभारत काल में हुई इस घटना के बाद रक्षा बंधन मनाने की परंपरा शुरू हुई।

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​श्रीकृष्ण ने निभाया वचन​

जब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को 'राखी' बांधी तो भगवान ने उनकी रक्षा का आशीर्वाद दिया था। चीर हरण के समय द्रौपदी ने भगवान को याद किया तो उन्होंने रक्षा की।

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