Apr 02, 2025
By: Medha Chawlaलोक मान्यताओं के अनुसार, बड़े डोंगर की पहाड़ी वो स्थान है जहां मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था, जिसके प्रमाण आज भी यहां की चट्टानों पर मौजूद हैं।
Credit: Canva
बड़े डोंगर कभी बस्तर राज्य की राजधानी था और महाराजा पुरुषोत्तम देव के शासन काल में ये प्रमुख प्रशासनिक केंद्र था।
Credit: Canva
ये क्षेत्र बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक मान्यताओं का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
Credit: Canva
पहाड़ी की चट्टानों पर शेर के पंजों, भैंसे के सींग और मां दुर्गा के पदचिन्हों की आकृतियां देखी जा सकती हैं, जो इस कथा को प्रमाणित करते हैं।
Credit: Canva
बड़े डोंगर की पहाड़ियों को देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है, जिससे ये धार्मिक रूप से अत्यंत ही महत्वपूर्ण हो जाता है।
Credit: Canva
पहले बस्तर की राजधानी होने के कारण, यहां बस्तर दशहरे की परंपराएं भी देखी जाती हैं, जो इस पर्व के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं।
Credit: Canva
बड़े डोंगर में स्थित मां दंतेश्वरी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है और हर साल हजारों भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं।
Credit: Canva
ये स्थान घने जंगलों, पहाड़ियों और सुंदर दृश्यों से भरपूर है जिससे ये आध्यात्मिक और प्राकृतिक, दोनों ही शांति प्रदान करता है।
Credit: Canva
बड़े डोंगर सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहर के रूप में छत्तीसगढ़ की विरासत का प्रतीक भी है।
Credit: Canva
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स