Apr 01, 2025

By: Medha Chawla

महाभारत युद्ध के दौरान इस राजा ने रखा था सैनिकों के खाने-पीने का ध्‍यान

​उडुपी के राजा

उडुपी के राजा ने युद्ध में किसी भी पक्ष का समर्थन न करते हुए रसोई की जिम्मेदारी संभाली और दोनों पक्षों के सैनिकों को भोजन कराया था।


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​निष्पक्ष सेवा

राजा ने न तो पांडवों का पक्ष लिया और न ही कौरवों का, बल्कि सभी सैनिकों के भोजन की व्यवस्था की, जिससे उनकी निष्पक्षता सिद्ध हुई।

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​भोजन की सटीक गणना

राजा को हर दिन युद्ध में जीवित बचने वाले सैनिकों की सही संख्या का पूर्वानुमान हो जाता था, जिससे भोजन की बर्बादी नहीं होती थी।

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​मूंगफली खाने से अनुमान

राजा प्रतिदिन भगवान कृष्ण को मूंगफली देते थे और अगले दिन मरने वाले सैनिकों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए उनके द्वारा खाई जाने वाली मूंगफली की संख्या को हजार से गुणा कर दिया जाता था।

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​पांडवों की जिज्ञासा

पांडव इस रहस्य को जानकर चकित रह गए कि राजा इतनी सटीक गणना कैसे कर सकते थे।

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​भगवान कृष्ण का आशीर्वाद

युद्ध समाप्त होने पर भगवान कृष्ण ने राजा को आशीर्वाद दिया कि उनकी आने वाली पीढ़ियां स्वादिष्ट भोजन बनाने और कुशलता से परोसने के लिए प्रसिद्ध होंगी।

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​युद्ध में निष्काम सेवा

राजा ने युद्ध की पृष्ठभूमि में भी निष्काम सेवा का मार्ग चुना और सैनिकों की भूख मिटाने को ही अपना धर्म माना।

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​उडुपी की व्यंजन परंपरा

माना जाता है कि इसी आशीर्वाद के कारण उडुपी के व्यंजन और रेस्टोरेंट आज भी अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए मशहूर हैं।

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​भगवान कृष्ण के संकेत

ये संदर्भ ये बताता है कि भगवान कृष्ण के हर कार्य के पीछे एक गहरा संकेत होता है, जिसे समझने वाले असाधारण लोग होते हैं।

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