May 07, 2025
बदरीनाथ मंदिर के कपाट रविवार को सुबह छह बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे।
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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद बदरीनाथ की शालिग्राम मूर्ति पर लपेटे घृत कंबल को रावल (मुख्य पुजारी) अमरनाथ नंबूदरी ने विधि-विधान से निकाला। इस दौरान शुभ संकेत मिले।
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मान्यता है कि जिस वर्ष कंबल पर घी ताजा मिलता है उस दौरान यात्रा निर्विघ्न संपन्न होती है और देश की व्यवस्था बेहतर बनी रहती है।
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वहीं जब बदरीनाथ की शालिग्राम मूर्ति का घी सूख जाता है तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। इससे देश में आपदा, फसलों के बर्बाद होने व स्वास्थ्य परेशानियां आने के संकेत मिलते हैं।
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बता दें हर वर्ष शीतकाल में बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले भगवान बदरीनाथ की मूर्ति को एक विशेष घृत कंबल ओढ़ाया जाता है।
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बद्रीनाथ की मूर्ति का घृत कंबल, जो घी में भिगोया जाता है, माणा गांव की महिलाओं द्वारा तैयार किया जाता है।
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