Jan 11, 2026
नहीं! सैटेलाइट “hover” नहीं करते, वे लगातार free-fall की हालत में होते हैं।
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धरती का गुरुत्वाकर्षण उन्हें अपनी ओर खींचता है, लेकिन उनकी जबरदस्त रफ्तार उन्हें आगे की ओर फेंकती रहती है।
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Low Earth Orbit (LEO) में सैटेलाइट करीब 28,000 km/h की स्पीड से चलते हैं, इसी वजह से वे गिरने से बच जाते हैं।
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Isaac Newton ने समझाया था, अगर गोला बहुत तेज़ फेंको, तो वह गिरेगा नहीं, बल्कि घूमता रहेगा।
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सैटेलाइट और उसके अंदर मौजूद चीजें एक साथ गिरती हैं, इसलिए सब कुछ weightless लगता है।
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International Space Station 400 किमी ऊपर से हर डेढ़ घंटे में एक orbit पूरा करता है।
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LEO में हल्की-सी हवा सैटेलाइट को धीमा कर देती है, इसलिए समय-समय पर thrusters से boost दी जाती है।
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बूस्ट न मिले तो सैटेलाइट नीचे आकर वायुमंडल में जल जाता है।
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Geostationary Orbit (35,785 किमी) में हवा नहीं होती, यहां सैटेलाइट सैकड़ों साल टिक सकते हैं।
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