Dec 11, 2024
सौरमंडल में स्थित आयो नाम चंद्रमा में सर्वाधिक ज्वालामुखी-सक्रिय पिंड मौजूद हैं।
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आयो चंद्रमा (Io Moon) सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के 95 चंद्रमाओं में एक है।
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आयो की सतह पर सैकड़ों ज्वालामुखी मौजूद हैं, जिनमें से कुछ ज्वालामुखी सैकड़ों मील की ऊंचाई तक सल्फरयुक्त धुआं उगल रहे हैं।
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ज्वालामुखी की वजह से आयो की सतह में परिवर्तन हो रहा है। हालांकि, आयो की सटीक संरचना के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन नासा के मुताबिक, आयो संभवतः पिघले हुए सल्फर और उसके यौगिक का घर है।
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आयो बृहस्पति के चार लोकप्रिय चंद्रमाओं में से एक है और बृहस्पति का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे भीतरी गैलीलियन उपग्रह है।
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बकौल नासा, आयो की खोज 8 जनवरी, 1610 को गैलीलियो गैलिली ने बृहस्पति के तीन अन्य सबसे बड़े चंद्रमाओं यूरोपा, गेनीमीड और कैलिस्टो के साथ की थी।
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सैकड़ों सक्रिय ज्वालामुखी और तीव्र रेडिएशन आयो पर जीवन की तमाम संभावनाओं को खारिज कर देते हैं।
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