Feb 06, 2025
नासा ने बेन्नू एस्टेरॉयड को पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा खतरा माना है जिसका चौड़ाई आधा किमी बताई जा रही है और वजन लगभग 6.7 करोड़ मीट्रिक टन है।
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विशेषज्ञ एक्सल टिमरमैन ने बताया कि बेन्नू आकार के एस्टेरॉयड के टकराने से भीषण तबाही मचेगी और जलवायु पर भी इसका दीर्घकालिक असर पड़ेगा।
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लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञ ने चेताया कि अगर बेन्नू एस्टेरॉयड टकराया तो इससे मानव सभ्यता प्रभावित हो सकती है।
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साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि बेन्नू के आकार का एक एस्टेरॉयड भी वैश्विक खाद्य उत्पादन को कम कर सकता है और जलवायु परिवर्तन का कारण बन सकता है।
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भीषण टक्कर की वजह से शक्तिशाली शॉकवेव, थर्मल रेडिएशन, सुनामी, भूकंप, क्रेटर और इजेक्टा उत्पन्न हो सकते हैं और टकराव के दीर्घकालिक प्रभाव वैश्विक हो सकते हैं।
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शोधकर्ताओं का अनुमान है कि भीषण टक्कर के बाद एक बड़े धूल का गुब्बार ऊपरी वायुमंडल को भी प्रभावित कर सकता है।
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सुपरकंप्यूटर मॉडल का इस्तेमाल करते हुए शोधकर्ताओं ने दिखाया कि बड़े धूल के बादल वैश्विक तापमान को 4 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर सकते हैं। साथ ही वैश्विक वर्षा भी 15 फीसद तक कम हो सकती है।
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शोधकर्ता के मुताबिक, धूल की वजह से मौसम ठंडा होगा। सूर्य की रोशनी सतह पर कम पहुंचेगी और बारिश भी कम होगी। जिसकी वजह से पौधों की वृद्धि और महासागरों में प्रकाश संश्लेषण धीमा हो जाएगा।
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