Jan 04, 2026

अंतरिक्ष की सबसे रहस्यमयी दीवार! क्या इसके आगे भगवान का संसार?

Piyush Kumar

​​​सूर्य की अदृश्य ढाल​​



सूर्य से लगातार तेज़ रफ्तार कण निकलते रहते हैं, जिन्हें सोलर विंड कहते हैं। यही कण पूरे सौरमंडल के चारों ओर एक विशाल बुलबुला बनाते हैं।

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​​​हेलियोस्फियर क्या है?​​



सूर्य और उसके ग्रह जिस बुलबुले के अंदर रहते हैं, उसे हेलियोस्फियर कहा जाता है। यह प्लूटो से भी तीन गुना दूर तक फैला है।

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​​​हेलियोपॉज की शुरुआत​​



जहां सूर्य की सोलर विंड और बाहरी अंतरिक्ष की हवा टकराती हैं, वहीं हेलियोपॉज़ होती है। यही सौरमंडल की असली सीमा मानी जाती है।


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​​​अंतरिक्ष की ‘आग की दीवार’​​


हेलियोपॉज़ को कभी-कभी “Wall of Fire” कहा जाता है। यहां तापमान 30,000 से 50,000 केल्विन तक पाया गया।

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​फिर भी सैटेलाइट कैसे बचे?​​



इतना तापमान होने के बावजूद वहां कण बहुत कम हैं। इसलिए गर्मी सैटेलाइट तक पहुंच ही नहीं पाई और वे सुरक्षित रहे।

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​​voyager 1 की ऐतिहासिक उड़ान​



25 अगस्त 2012 को Voyager 1 पहला अंतरिक्ष यान बना जिसने हेलियोपॉज़ को पार किया।


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​​​Voyager 2 ने भी की पुष्टि​​



2018 में Voyager 2 भी इस सीमा के बाहर पहुंचा। दोनों यानों ने अलग-अलग दूरी पर यह सीमा पार की।

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​​​सबसे चौंकाने वाला रहस्य​​


हेलियोपॉज़ के बाहर और अंदर का चुंबकीय क्षेत्र लगभग एक जैसा है। यह खोज वैज्ञानिकों के लिए बड़ी हैरानी बनी।

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​​​सोलर सिस्टम सांस लेता है?​​



वैज्ञानिकों का मानना है कि सूर्य की गतिविधि के साथ हेलियोपॉज़ फैलती और सिकुड़ती रहती है, जैसे फेफड़े सांस लेते हैं।

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