Feb 05, 2026
सूर्य ने एक के बाद एक तीव्र ऊर्जा वाले 4 सोलर फ्लेयर छोड़े हैं। इसको लेकर भू-चुंबकीय तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।
Credit: AI Image/iStock
भू-चुंबकीय तूफान तब पैदा होता है जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण या कहें सोलर फ्लेयर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराती हैं।
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सूर्य ने एक और दो फरवरी को दो-दो सोलर फ्लेयर छोड़ी हैं, जो 'X-क्लास' की हैं और पृथ्वी के वायुमंडल से टकरा सकती हैं।
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X-क्लास फ्लेयर सूर्य द्वारा छोड़ी जाने वाली सबसे शक्तिशाली फ्लेयर होती हैं।
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मौजूदा सभी फ्लेयर सूर्य पर मौजूद सनस्पॉट्स के एक समूह RGN 4366 से निकले हैं।
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इस सौर तूफान की वजह से पृथ्वी पर ब्लैक आउट का खतरा बना रहता है। यह तूफान सैटेलाइट, बिजली ग्रिड और संचार सिस्टम को बाधित कर सकते हैं।
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सूर्य में हुए शक्तिशाली विस्फोट से निकली फ्लेयर से होने वाले संभावित प्रभावों पर वैज्ञानिक अपनी नजर बनाए हुए हैं।
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पृथ्वी से जब यह सौर तूफान टकराएगा तो इसकी वजह से ऑरोरा देखने का मौका मिल सकता है।
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सूर्य में गतिविधियां 11 साल के चक्र में बढ़ती-घटती रहती हैं, जिसे सौर चक्र कहते है। उम्मीद हैं अब सूर्य की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होंगी।
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सौर गतिविधियों को अगला चक्र 2030 के आसपास शुरू हो सकता है।
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