Mar 08, 2026

22 करोड़ KM दूर के लिए खास तैयारी, वैज्ञानिकों ने 'मल' वाला बनाया प्लान!

Anurag Gupta

​ग्रहों में बसने की दौड़​

पिछले कुछ वक्त से मंगल और चंद्रमा पर बस्ती बसाने की तैयारियां हो रही हैं और इसको लेकर वैज्ञानिक नए-नए शोध कर रहे हैं।

Credit: iStock

​चौंकाने वाला शोध​

इस बीच, एक शोध में वैज्ञानिकों ने एस्ट्रोनॉट के मल का जिक्र किया, जिसकी बदौलत चंद्रमा या मंगल ग्रह में फसलें उगाने की बात कही गई।

Credit: iStock

​पौधे उगाने की तैयारी​

वैज्ञानिकों ने पाया कि एस्ट्रोनॉट के मल को चंद्रमा या मंगल की धूल जैसी मिट्टी (रेगोलिथ) के साथ मिलाने से पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।

Credit: iStock

​कहां से आया आइडिया​

इस आइडिया की तुलना फिल्म The Martian से की जा रही है, जिसमें Mark Watney मंगल पर फंसकर अपने मल से मिट्टी तैयार करता है।

Credit: iStock

You may also like

8 अरब प्रकाश वर्ष से आई खुशखबरी, वैज्ञान...
नासा को अंतरिक्ष में कहां मिल गया 'हंस क...

​क्या है रेगोलिथ?​

चंद्रमा और मंगल की सतह की मिट्टी को वैज्ञानिक रेगोलिथ कहते हैं, क्योंकि इसमें जैविक पदार्थ नहीं होते हैं।

Credit: iStock

​क्या खनिज होता है मौजूद?​

इस मिट्टी में खनिज तो होते हैं, लेकिन पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं।

Credit: iStock

​NASA की मदद से हुआ शोध​

इस शोध का नेतृत्व Harrison Coker ने Texas A&M University में किया, जो NASA के Kennedy Space Center में मौजूद विशेष सिस्टम की मदद से किया गया।

Credit: iStock

​वैज्ञानिकों का अनोखा कारनामा​

वैज्ञानिकों ने Organic Processing Assembly (OPA) नामक सिस्टम से मल को प्रोसेस करके पोषक तत्वों से भरपूर तरल तैयार किया।

Credit: iStock

​रेगोलिथ से साथ हुआ प्रयोग​

इस तरल को नकली रेगोलिथ मिट्टी के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया गया। प्रयोग में मिट्टी से सल्फर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे अहम पोषक तत्व बाहर आए।

Credit: iStock

​अभी इन चीजों की है कमी​

हालांकि पौधों के लिए जरूरी अन्य तत्व जैसे आयरन, जिंक और कॉपर अभी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिले।

Credit: iStock

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: 8 अरब प्रकाश वर्ष से आई खुशखबरी, वैज्ञानिकों ने खोजा ऐतिहासिक सिग्नल!

ऐसी और स्टोरीज देखें