Mar 08, 2026
पिछले कुछ वक्त से मंगल और चंद्रमा पर बस्ती बसाने की तैयारियां हो रही हैं और इसको लेकर वैज्ञानिक नए-नए शोध कर रहे हैं।
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इस बीच, एक शोध में वैज्ञानिकों ने एस्ट्रोनॉट के मल का जिक्र किया, जिसकी बदौलत चंद्रमा या मंगल ग्रह में फसलें उगाने की बात कही गई।
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वैज्ञानिकों ने पाया कि एस्ट्रोनॉट के मल को चंद्रमा या मंगल की धूल जैसी मिट्टी (रेगोलिथ) के साथ मिलाने से पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।
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इस आइडिया की तुलना फिल्म The Martian से की जा रही है, जिसमें Mark Watney मंगल पर फंसकर अपने मल से मिट्टी तैयार करता है।
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चंद्रमा और मंगल की सतह की मिट्टी को वैज्ञानिक रेगोलिथ कहते हैं, क्योंकि इसमें जैविक पदार्थ नहीं होते हैं।
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इस मिट्टी में खनिज तो होते हैं, लेकिन पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं।
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इस शोध का नेतृत्व Harrison Coker ने Texas A&M University में किया, जो NASA के Kennedy Space Center में मौजूद विशेष सिस्टम की मदद से किया गया।
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वैज्ञानिकों ने Organic Processing Assembly (OPA) नामक सिस्टम से मल को प्रोसेस करके पोषक तत्वों से भरपूर तरल तैयार किया।
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इस तरल को नकली रेगोलिथ मिट्टी के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया गया। प्रयोग में मिट्टी से सल्फर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे अहम पोषक तत्व बाहर आए।
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हालांकि पौधों के लिए जरूरी अन्य तत्व जैसे आयरन, जिंक और कॉपर अभी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिले।
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