Dec 24, 2025
यह नजारा हमारी मिल्की वे गैलेक्सी में मौजूद NGC 2264 क्षेत्र का है, जो पृथ्वी से करीब 2,500 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है।
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इसी हरे रंग के बादल के भीतर नए-नए तारे आकार ले रहे हैं, जिन्हें वैज्ञानिक प्रोटोस्टार कहते हैं।
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तस्वीर में दिख रहा हरा रंग आयनाइज्ड गैस का संकेत है, जिसे खास तकनीक से उभारकर दिखाया गया है।
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इस क्षेत्र में मौजूद युवा तारे एक्स-रे में नीली और सफेद रोशनी के रूप में नज़र आते हैं।
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यहां मौजूद तारे सिर्फ 10 से 50 लाख साल पुराने हैं और तेज एक्स-रे फ्लेयर छोड़ते रहते हैं।
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तस्वीर को खास कोण से घुमाया गया है, ताकि यह आकृति और साफ़ नज़र आए—असल अंतरिक्ष में इसका कोई तय “ऊपर-नीचे” नहीं होता।
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जिसे देखकर महादानव का भ्रम होता है, वही क्षेत्र असल में तारों के जन्म की प्रयोगशाला है।
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NGC 2264 का यह हरा महादानव वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है कि तारे कैसे पैदा होते हैं और कैसे विकसित होते हैं।
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दूर अंतरिक्ष से आई इस नई तस्वीर में एक विशाल, हरे रंग का ढांचा उभरता दिखता है, जो किसी महादानव जैसा आभास देता है।
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