Dec 29, 2025
नासा के वेब टेलीस्कोप और चंद्रा एक्स-रे ऑब्ज़र्वेटरी ने इस “गैलेक्सी हग” को बेहद खास अंदाज में कैद किया।
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इस मुलाकात के बाद दोनों गैलेक्सियों में अब तक सात सुपरनोवा फट चुके हैं।
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हर धमाके ने गैस और धूल को हिला दिया, जगह बनाई और फिर वहीं से नए तारों का जन्म हुआ।
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इन धमाकों ने गैलेक्सियों को स्टार फैक्ट्री में बदल दिया।
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वैज्ञानिकों के मुताबिक, दोनों मिलकर हर साल सूरज जैसे करीब 24 नए सितारे बना रही हैं।
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वेब टेलीस्कोप की इन्फ्रारेड रोशनी सफेद, ग्रे और लाल रंग में दिखती है, जबकि चंद्रा की एक्स-रे नीले रंग में। यही रंग मिलकर इस कॉस्मिक रोमांस को खास बनाते हैं।
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फिलहाल दोनों गैलेक्सियां अलग-अलग हैं, लेकिन विलय यानी मिलन की प्रक्रिया जारी है।
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जहां हमारी मिल्की वे गैलेक्सी साल में सिर्फ 2–3 नए सूरज जैसे सितारे बनाती है, वहीं यह गैलेक्सी जोड़ी रफ्तार में कहीं आगे निकल चुकी है।
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तस्वीर में बीच और नीचे दाईं ओर बड़ी गैलेक्सी NGC 2207 है, जबकि ऊपर बाईं ओर छोटी IC 2163 दिखाई देती है। दोनों की चमकदार बाहें एक-दूसरे की ओर मुड़ती नजर आती हैं।
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यह कहानी कुछ पलों की नहीं, अरबों सालों की है। अंतरिक्ष में चल रही यह गैलेक्सी लव स्टोरी हमें बताती है कि ब्रह्मांड में टक्कर भी सृजन का रास्ता बन सकती है।
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