Jan 12, 2026
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने एक रहस्यमयी तारा प्रणाली Apep की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर दिखाई है, जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।
Credit: nasa
Apep हमारी आकाशगंगा में मौजूद एक बेहद दुर्लभ तारा प्रणाली है। पहले माना जाता था कि इसमें सिर्फ दो Wolf-Rayet तारे हैं, जो अत्यंत शक्तिशाली और दुर्लभ होते हैं।
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Wolf-Rayet तारे बहुत भारी, चमकीले और जीवन के अंतिम चरण में होते हैं। हमारी आकाशगंगा में ऐसे सिर्फ लगभग 1000 तारे ही मौजूद हैं।
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वेब टेलीस्कोप ने पहली बार चार धूल की परतें (Dust Shells) देखीं, जो सांप जैसी घुमावदार संरचना बनाती हैं। पहले इनमें से सिर्फ एक ही दिखाई देती थी।
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ये Wolf-Rayet तारे पिछले 700 वर्षों से कार्बन-समृद्ध धूल बना रहे हैं, जो उनके तेज़ तारकीय हवाओं के टकराने से बनती है।
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इन तारों का ऑर्बिट पीरियड 190 साल का है और वे एक-दूसरे के करीब आने में 25 साल लेते हैं — जो इस तरह के सिस्टम्स में सबसे लंबा माना जा रहा है।
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इस तस्वीर में वैज्ञानिकों को मृत्यु और पुनर्जन्म (Death & Rebirth) की झलक दिखाई देती है — जहां पुराने तारे नष्ट हो रहे हैं और उनकी धूल से भविष्य के नए तारे और ग्रह जन्म ले सकते हैं।
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इस तारा प्रणाली का नाम Apep, प्राचीन मिस्र के अराजकता और विनाश के देवता पर रखा गया है, जो एक विशाल सांप के रूप में जाना जाता था — और तस्वीर की संरचना भी उसी से मेल खाती है।
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जेम्स वेब ने पुष्टि की कि Apep सिस्टम में तीसरा तारा भी मौजूद है — एक विशाल सुपरजायंट, जो बाकी तारों द्वारा बनाई जा रही धूल की परतों में छेद कर रहा है।
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जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने एक रहस्यमयी तारा प्रणाली Apep की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर दिखाई है, जिसने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।
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जेम्स वेब टेलीस्कोप ने साबित कर दिया है कि ब्रह्मांड सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि जटिल, खतरनाक और जीवन रचने वाला भी है।
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