Jul 03, 2025
नासा का क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह के 'बॉक्सवर्क' इलाके की पड़ताल की।
Credit: NASA/JPL-Caltech/MSSS/MarsCuriosity
'बॉक्सवर्क' मंगल ग्रह पर 19 किलोमीटर तक फैली हुई एक विशाल पर्वतमाला है, जहां पर कई रहस्य छिपे हो सकते हैं।
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बकौल नासा, रोवर को मैग्नीशियम सल्फेट नामक नमकीन खनिजों की प्रचुरता वाली परतें हैं। ऐसी परत पानी के सूखने पर बनती है।
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ऐसा माना जा रहा है कि नमकीन खनिजों वाली परत जलवायु के शुष्क होने के साथ उभरी है, जो बॉक्सवर्क पैटर्न को दर्शाती है।
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मंगल ग्रह पर मौजूद 'बॉक्सवर्क पैटर्न' आकर्षक भूवैज्ञानिक संरचनाएं हैं, जो मकड़ी के जाले या छत्ते जैसी दिखती हैं।
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2012 में क्यूरियोसिटी रोवर के रेड प्लैनेट पर उतरने से पहले विज्ञानियों ने जब इन पैटर्नों को देखा तो वह मंत्रमुग्ध हो गए थे।
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क्यूरियोसिटी द्वारा कैप्चर किया गया बॉक्सवर्क पैटर्न विज्ञानियों के लिए विशेष रुचि का विषय है, क्योंकि इसकी लकीरें मंगल की सतह पर बहने वाले प्राचीन भूजल द्वारा बनी थीं।
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मगल ग्रह के उच्च भूगर्भीय परतों में यह खोज की गई जिन्हें पहले शुष्क माना जाता था। जिसका मतलब है कि भूमिगत जल बहुत बाद तक सक्रिय रहा होगा और फिर ग्रह से गायब हो गया।
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समय के साथ कैल्शियम सल्फेट की लकीरें धीरे-धीरे कम होने लगीं। माउंट शार्प की ऊंचाई पर तो उनकी मौजूदगी ना के बराबर हो गईं।
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