Dec 13, 2025
साल की आखिरी उल्का बारिश देखने के लिए आप सब तैयार रहें, क्योंकि आसमान में एक से बढ़कर एक टूटते तारे दिखाई देंगे।
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जेमिनिड मेटियोर शॉवर दिसंबर के माह में दिखाई देने वाली एक खगोलीय घटना है जिसकी बदौलत आसमान एकदम दमकेगा।
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हर साल जब जेमिनिड मेटियोर शॉवर अपने चरम पर होती है तो रात के आसमान में हर घंटे 120 उल्काएं दिख सकती हैं।
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जेमिनिड उल्का बौछार 13 -15 दिसंबर को अपने चरम पर होगी।
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उल्का बौछार का दिलकश नजारा देखने के लिए आपको रात का इंतजार करना होगा। रात एक बजे से लेकर तीन बजे तक सबसे बढिया नजारा दिखाई देगा।
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उल्का बौछार देखने के लिए किसी ऐसी जगह पर जाएं जहां से आसमान एकदम साफ दिखाई दे रहा हो।
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हालांकि, मेटियोर शॉवर देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत नहीं होगी, आप खुली आंखों से दिलकश नजारा देख पाएंगे।
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दादियों और नानियों की कहानियों में इसे 'टूटते तारों' की बरसात कहा जाता था और विज्ञान की दुनिया में यह उल्का बौछार या उल्कापात के नाम से प्रसिद्ध है।
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टूटते तारों को देखकर अगर लोग कुछ मांगते हैं तो वह पूरा हो जाता है। हालांकि, यह महज अंधविश्वास मात्र है।
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