Dec 19, 2025
3I/ATLAS एक धूमकेतु है, यानी बर्फ, धूल और जमी हुई गैसों से बना एक ‘कॉस्मिक स्नोबॉल’। जब यह सूर्य के करीब आता है, तो गर्म होकर अपनी चमकदार पूंछ बनाता है।
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अब तक केवल तीन ही ऐसे पिंड पहचाने गए हैं, जो हमारे सौर मंडल के बाहर से आए हैं। 3I/ATLAS, ‘ओउमुआमुआ’ और ‘2I/बोरिसोव’ के बाद तीसरा ज्ञात अंतरतारकीय ऑब्जेक्ट है।
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जून 2025 में चिली के रियो हर्टाडो स्थित ATLAS सर्वे टेलीस्कोप की तस्वीरों में वैज्ञानिकों ने इसे देखा। नासा द्वारा वित्तपोषित इस परियोजना ने 1 जुलाई को इसकी आधिकारिक खोज की पुष्टि की।
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वैज्ञानिकों के अनुसार, 3I/ATLAS का व्यास करीब 320 मीटर से 5.6 किलोमीटर के बीच हो सकता है।
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19 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच 3I/ATLAS धरती के नजदीक से गुजरेगा।
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इसे नंगी आंखों से देख पाना संभव नहीं होगा, इसके लिए टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी।
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वैज्ञानिक आधुनिक टेलीस्कोप और डेटा सिस्टम की मदद से इसकी संरचना, गति और उत्पत्ति का अध्ययन कर रहे हैं।
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अपने सबसे नजदीकी बिंदु पर भी यह धूमकेतु पृथ्वी से लगभग 27 करोड़ किलोमीटर दूर रहेगा, यानी किसी भी तरह का खतरा नहीं है।
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नासा ने स्पष्ट किया है कि 3I/ATLAS से पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं है। यह सूर्य से लगभग दोगुनी दूरी पर रहेगा।
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