Jan 11, 2026

युवा दिवस पर 10 बड़े शेर: जो तूफानों में पलते जा रहे हैं, वही दुनिया बदलते जा रहे हैं

Suneet Singh

​हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उट्ठें, वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं..​



​- साहिर लुधियानवी


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​अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल, हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया ..​



​- जिगर मुरादाबादी


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​जलाने वाले जलाते ही हैं चराग़ आख़िर, ये क्या कहा कि हवा तेज़ है ज़माने की..​



​- जमील मज़हरी


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​देख ज़िंदां से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार, रक़्स करना है तो फिर पांव की ज़ंजीर न देख..​



​ - मजरूह सुल्तानपुरी


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​ - नफ़स अम्बालवी


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​सफ़र में अब के अजब तजरबा निकल आया, भटक गया तो नया रास्ता निकल आया..​



​ - राजेश रेड्डी


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​सूरमा जिस के किनारों से पलट आते हैं, मैं ने कश्ती को उतारा है उसी पानी में.. ​



​- सरवत हुसैन


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​गो आबले हैं पांव में फिर भी ऐ रहरवो, मंज़िल की जुस्तुजू है तो जारी रहे सफ़र..​



​- नूर क़ुरैशी


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​सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती, चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की..​



​ - अल्ताफ़ हुसैन हाली


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