Sep 23, 2024

बकरी का ही दूध क्यों पीते थे महात्मा गांधी, बापू ने कभी दूध ना पीने की खाई थी कसम

Suneet Singh

​महात्मा गांधी​

महात्मा गांधी का जीवन दुनिया के हर इंसान के लिए प्रेरणा है। उन्होंने पूरे विश्व को सादा जीवन उच्च विचार का दर्शन दिया।

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​बापू की लाइफस्टाइल​

महात्मा गांधी बेहद सादी जिंदगी जीते थे। उनकी जीवनशैली हर किसी के लिए उदाहरण है।

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​गांधी जी का शाकाहार​

गांधी जी शाकाहारी थे। उन्होंने आजीवन खुद को मांसाहार से दूर रखा। उनका मानना था कि मांसाहार उनके ब्रह्मचर्य के लिए जरूरी है।

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​मांस और दूध से रहे दूर​

अहिंसा का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी ना सिर्फ मांस बल्कि जानवरों के दूध से भी दूर रहते थे।

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​दूध नहीं पीने की खाई थी कसम​

गांधी जी का मानना था कि बचपन में मां के दूध के सिवा किसी दूसरे जीव का दूध नहीं पीना चाहिए।

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​बकरी का दूध पीते थे गांधी जी​

हालांकि डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें बकरी का दूध पीना पड़ा। उन्होंने दूध शुरू किया तो फिर वह हमेशा बकरी का ही दूध पीते थे।

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​क्यों बकरी का दूध ही पीते थे बापू​

बकरी का दूध कैलोरी, प्रोटीन और वसा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी कारण गांधी जी भी गाय के दूध पर बकरी के दूध को प्राथमिकता देते हैं।

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​बकरी के दुध के गुण​

बता दें कि 1 कप बकरी के दूध में कैलोरी-168, प्रोटीन- 9 ग्राम, वसा- 10 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट- 11 ग्राम, फाइबर- 0 ग्राम, शुगर- 11 ग्राम होता है।

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​बकरी के दूध के फायदे​

इसका अलावा बकरी का दूध विटामिन A और कैल्शियम, पोटैशियम, फास्फोरस, मैगनीशियम से भी भरपूर होता है, जो सेहत को दूरुस्त करने में कारगर होते हैं।

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