Jul 08, 2025

तहजीब हाफी के 10 मशहूर शेर: इस एक डर से ख़्वाब देखता नहीं, जो देखता हूं मैं वो भूलता नहीं

Suneet Singh

​तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया, इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया​

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​पराई आग पे रोटी नहीं बनाऊंगा, मैं भीग जाऊंगा छतरी नहीं बनाऊंगा​

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​जब उस की तस्वीर बनाया करता था, कमरा रंगों से भर जाया करता था​

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​ये एक बात समझने में रात हो गई है, मैं उस से जीत गया हूं कि मात हो गई है​

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पतली कमर के लिए ऐसा खतरनाक उपवास रखती है...

​तारीकियों को आग लगे और दिया जले, ये रात बैन करती रहे और दिया जले​

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​जब किसी एक को रिहा किया जाए, सब असीरों से मशवरा किया जाए​

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​जाने वाले से राब्ता रह जाए, घर की दीवार पर दिया रह जाए​

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​कुछ ज़रूरत से कम किया गया है, तेरे जाने का ग़म किया गया है​

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​बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा, वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा​

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