Jul 08, 2025
तहजीब हाफी के 10 मशहूर शेर: इस एक डर से ख़्वाब देखता नहीं, जो देखता हूं मैं वो भूलता नहीं
Suneet Singh
तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया, इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया
Credit: Pexels
पराई आग पे रोटी नहीं बनाऊंगा, मैं भीग जाऊंगा छतरी नहीं बनाऊंगा
Credit: Pexels
जब उस की तस्वीर बनाया करता था, कमरा रंगों से भर जाया करता था
Credit: Pexels
ये एक बात समझने में रात हो गई है, मैं उस से जीत गया हूं कि मात हो गई है
Credit: Pexels
You may also like
मानसून में भी जमेगा मार्केट जैसा गाढ़ा औ...
पतली कमर के लिए ऐसा खतरनाक उपवास रखती है...
तारीकियों को आग लगे और दिया जले, ये रात बैन करती रहे और दिया जले
Credit: Pexels
जब किसी एक को रिहा किया जाए, सब असीरों से मशवरा किया जाए
Credit: Pexels
जाने वाले से राब्ता रह जाए, घर की दीवार पर दिया रह जाए
Credit: Pexels
कुछ ज़रूरत से कम किया गया है, तेरे जाने का ग़म किया गया है
Credit: Pexels
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा, वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा
Credit: Pexels
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स
Next: मानसून में भी जमेगा मार्केट जैसा गाढ़ा और मलाईदार दही, बस फॉलो करके देखें ये टिप्स
ऐसी और स्टोरीज देखें