Apr 14, 2024

'तेरा वादा तो नहीं हूं जो बदल जाऊंगा..', सीधे दिल तक जाते हैं साहिर के ये शेर

Suneet Singh

​साहिर लुधियानवी​

साहिर लुधियानवी की नज़्में कई दशक से सुनने वालों के दिल जीत रही हैं। आइए डालते हैं उनके कुछ चुनिंदा शेरों पर एक नजर:

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​छोड़ना अच्छा..​

वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन,
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा।

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​किस बात पे रोना आया​

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया।

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​तेरा मिलना​

तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही,
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ।

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​चेहरे​

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से,
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से।

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​फूल​

हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें,
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं।

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​नज़र​

ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है,
क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम।

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​बे-दिली​

तंग आ चुके हैं कशमकश-ए-ज़िंदगी से हम,
ठुकरा न दें जहाँ को कहीं बे-दिली से हम।

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​मोहब्बत​

अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं,
तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी।

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