Sep 12, 2025

सीख जाएंगे जीने का सही तरीका, रट लें हिंदी के राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ये बातें

Suneet Singh

​दिनकर के अनमोल विचार​

सौंदर्य को देखकर पुरुष विचलित हो जाता है, नारी भी होती होगी। फिर भी सत्य यह है कि सौंदर्य आनंद नहीं समाधि है।

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​अस्तमान सूर्य होने को मत रुको। चीजें तुम्हें छोड़ने लगें, पहले तुम्हीं उन्हें छोड़ दो।​

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​सतत चिंताशील व्यक्ति का कोई मित्र नहीं बनता।​

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​अभिनंदन लेने से मना करना, उसे दोबारा मांगने की तैयारी है।​

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​जैसे सभी नदियां समुद्र में मिलती हैं, वैसे ही सभी गुण अंतत: स्वार्थ में विलीन हो जाते हैं।​

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​जब गुनाह हमारा त्याग कर देते हैं, हम फ़क्र से कहते हैं हमने गुनाहों को छोड़ दिया।​

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​मित्रों का अविश्वास करना बुरा है, उनसे छला जाना कम बुरा है।​

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​​विद्वानों और लेखकों के सामने सरलता सबसे बड़ी समस्या होती है। ​​

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​याद रखें ये बातें​



स्वार्थ हर तरह की भाषा बोलता है, हर तरह की भूमिका अदा करता है, यहां तक कि नि:स्वार्थता की भाषा भी नहीं छोड़ता।


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