Jun 13, 2025

पसीने पर 10 शेर: सब परेशान हैं लम्हों की गिरांबारी से, मैंने हर शख्स के माथे पे पसीना देखा

Suneet Singh

​न मैं समझा न आप आए कहीं से, पसीना पोछिए अपनी जबीं से​​



​- अनवर देहलवी


Credit: Pexels

​पसीने से मिरे अब तो ये रूमाल, है नक़्द-ए-नाज़-ए-उल्फ़त का ख़ज़ीना​

- जौन एलिया

Credit: Pexels

​ये पसीना वही आंसू हैं जो पी जाते थे हम, 'आरज़ू' लो वो खुला भेद वो टूटा पानी​​



​- आरज़ू लखनवी


Credit: Pexels

​हो गया मिट्टी अगर मेरा पसीना सूख करदेखना मेरे दरख़्तों पर समर आ जाएगा- आसिम वास्ती​

- आसिम वास्ती

Credit: Pexels

You may also like

भगवान भरोसे ना छोड़ें सबकुछ, मरने से पहल...
गुटखा खा-खा के दांत हो गए हैं काले, तो च...

​हलाल रिज़्क़ का मतलब किसान से पूछो, पसीना बन के बदन से लहू निकलता है​​



​- आदिल रशीद


Credit: Pexels

​मिला दिया है पसीना भले ही मिट्टी में, हम अपनी आंख का पानी बचा के रखते हैं​​

- हस्तीमल हस्ती

Credit: Pexels

​पसीना मेरी मेहनत का मिरे माथे पे रौशन था, चमक लाल-ओ-जवाहर की मिरी ठोकर पे रक्खी थी​​

- नाज़िर सिद्दीक़ी

Credit: Pexels

​ये सर्द सर्द ये बे-जान फीकी फीकी चमक, निज़ाम-ए-सानिया की मौत का पसीना है​​



​- फ़िराक़ गोरखपुरी


Credit: Pexels

​मुक़ाबला तो 'मुज़फ़्फ़र' करूं अंधेरों से, चराग़ बन के पसीना जबीं से निकलेगा​

- ​ मुज़फ़्फ़र वारसी

Credit: Pexels

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: भगवान भरोसे ना छोड़ें सबकुछ, मरने से पहले जीना सिखा गए थे सुशांत सिंह राजपूत

ऐसी और स्टोरीज देखें