Jul 02, 2025
नथुली उत्तराखंड की सबसे फेमस जूलरी है। इसे खासतौर से लड़कियां शादी के दौरान पहनती हैं। ये पहाड़ी ब्राइडल जूलरी के रूप में जाना जाता है।
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तिमनिया एक पारंपरिक गोलाकार माला होती है जिसे उत्तराखंड की महिलाएं गले में पहनती है। ये गढ़वाल, नेपाल और कुमाऊं में ज्यादा फेमस है।
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गुलबंद, गले में पहना जाता है। इसमें डार्क कलर के कपड़े के ऊपर सोना-चांदी और रंग-बिरंगे धागे जड़े होते हैं। ये ज्यादातर कुमाऊं और गढ़वाल की महिलाएं पहनती हैं।
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पौंछी दिखने में तो चूड़ी जैसा ही होता है, लेकिन इसमें लाल रंग के रेशमी कपड़े पर सोने की गोलियां सजी होती हैं। ये कलाई में ही पहनते हैं।
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रानी हार की तो बात ही अलग है। पहाड़ों में जब कोई शादी-फंक्शन होता है तो महिलाएं अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए रानी हार जरूर पहनती हैं।
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तुंगल कान में पहना जाता है। ये आम झुमकों से काफी ज्यादा बड़ा और काफी कलात्मक होता है। इसमें नीचे एक छोटा का घूंघरू लगा होता है, जो प्यारी खनक पैदा करता है।
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हंसुली को गढ़वाली में खगवाली कहते हैं। इसे गले में पहना जाता है। ये सोना-चांदी या फिर पीतल का भी हो सकता है।
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बुलाक एक नोज एक्सेसरी है। ये नाक में पहनी जाती है। पहाड़ों वाला बुलाक काफी हैवी और अलग डिजाइन का होता है।
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ये पहाड़ी महिलाओं के सबसे बड़े पारंपरिक आभूषणों में से एक है। अब केवल कुछ महिलाओं को ही जजीर पहने देखा जा सकता है।
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