Jun 18, 2025

निदा फाजली के 10 मशहूर शेर: हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी, फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी

Suneet Singh

​ये शहर है कि नुमाइश लगी हुई है कोई, जो आदमी भी मिला बन के इश्तिहार मिला​

Credit: Pexels

​पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है, अपने ही घर में किसी दूसरे घर के हम हैं​

Credit: Pexels

​कहां चराग़ जलाएं कहां गुलाब रखें, छतें तो मिलती हैं लेकिन मकां नहीं मिलता​

Credit: Pexels

​बिखरी ज़ुल्फ़ों ने सिखाई मौसमों को शायरी, झुकती आंखों ने बताया मयकशी क्या चीज़ है​

Credit: Pexels

You may also like

मार्केट में खूब ट्रेंडी है ऐसी प्लाजो पै...
कोई कर जाए छल तो हमेशा याद रखें चाणक्य क...

​ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को, बदलते वक़्त पे कुछ अपना इख़्तियार भी रख​

Credit: Pexels

​किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं, तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो​

Credit: Pexels

​वही हमेशा का आलम है क्या किया जाए, जहां से देखिए कुछ कम है क्या किया जाए​

Credit: Pexels

​यक़ीन चांद पे सूरज में एतबार भी रख, मगर निगाह में थोड़ा सा इंतिज़ार भी रख​

Credit: Pexels

​बाग़ में जाने के आदाब हुआ करते हैं, किसी तितली को न फूलों से उड़ाया जाए​

Credit: Pexels

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: मार्केट में खूब ट्रेंडी है ऐसी प्लाजो पैंट्स, प्लेन बोरिंग नहीं इस प्रिंट का है जमाना

ऐसी और स्टोरीज देखें