Jun 16, 2025

भूलकर भी इन 3 समय पर बच्चों को ना लगाएं डांट, दिमाग पर पड़ता है उलटा असर

Suneet Singh

​पेरेंटिंग ​

पेरेंटिंग बहुत नाजुक चीज है। यह बच्चों का भविष्य संवार भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है।

Credit: Pexels

​हर मां-बाप की कोशिश रहती है कि वह अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी परवरिश दें।​

Credit: Pexels

​लेकिन कई बार जाने अनजाने में पेरेंट्स ऐसी गलती कर बैठते हैं जो बच्चे पर भारी पड़ता है।​

Credit: Pexels

​बच्चों को डांटना​

कुछ पेरेंट्स बच्चों को डांटना ठीक समझते हैं। उन्हें ये जानना चाहिए कि बच्चों को कब नहीं डांटना चाहिए।

Credit: Pexels

You may also like

जब कोई रास्ता ना दिखे तो याद कर लें मगरम...
खुमार बाराबंकवी के 10 मशहूर शेर: दुश्मनो...

​बच्चों को कब ना डांटे​

कई पेरेंटिंग कोच बताते हैं कि किसी भी हाल में बच्चों को तीन समय नहीं डांटना चाहिए।

Credit: Pexels

​​सुबह के वक्त​​


सुबह उठने के बाद डांटने से बच्चे का थिंकिंग ब्रेन शट डाउन हो जाता है। उसे कुछ भी सीखने में दिक्कत होने लगती है।

Credit: Pexels

​​स्कूल से लौटने पर​​


बच्चे को स्कूल से लौटने पर डांटने से उसके दिमाग से स्कूल का तनाव नहीं उतर पाता। वह पूरे टाइम स्ट्रेस में रहता है। यह काफी खतरनाक है।

Credit: Pexels

​​रात को सोने से पहले​​


रात के समय बच्चे को सोने से पहले डांटा जाए तो बच्चे की लॉन्ग टर्म मेमोरी फॉर्म नहीं हो पाती है। यह बच्चे के लिए नेगेटिव बात है।

Credit: Pexels

​डांट से नहीं प्यार से बनेगा बच्चा​

तो पेरेंट्स को समझ आ गया होगा कि क्यों और कब बच्चों को डांट से नहीं प्यार से समझाने की ज्यादा जरूरत है।

Credit: Pexels

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: जब कोई रास्ता ना दिखे तो याद कर लें मगरमच्छ के ये गुण, जीवन में कदम चूमेगी सफलता

ऐसी और स्टोरीज देखें