Jun 17, 2025
मिर्जा गालिब के 10 मशहूर शेर: कोई वीरानी सी वीरानी है, दश्त को देख के घर याद आया
Suneet Singh
हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है, तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू क्या है..
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खुलता किसी पे क्यूं मिरे दिल का मोआमला, शेरों के इंतिख़ाब ने रुस्वा किया मुझे
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न सताइश की तमन्ना न सिले की परवा, गर नहीं हैं मिरे अशआर में मअ'नी न सही
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कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग, हम को जीने की भी उम्मीद नहीं
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