Jul 20, 2025

मजाज लखनवी के 10 मशहूर शेर: जिगर और दिल को बचाना भी है, नज़र आप ही से मिलाना भी है

Suneet Singh

​हुस्न का ग़म भी हसीं फ़िक्र हसीं दर्द हसीं, उन को हर रंग में हर तौर सँवर जाना था​

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​दफ़्न कर सकता हूं सीने में तुम्हारे राज़ को, और तुम चाहो तो अफ़्साना बना सकता हूं मैं​

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​हमेशा ख़ून पीकर हड्डियों के रथ में चलती है, ज़माना चीख़ उठता है ये जब पहलू बदलती है​

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​कब किया था इस दिल पर हुस्न ने करम इतना, मेहरबां और इस दर्जा कब था आसमां अपना​​

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​तेरे माथे पे ये आंचल तो बहुत ही ख़ूब है लेकिन, तू इस आंचल से इक परचम बना लेती तो अच्छा था​​

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​नूर ही नूर है किस सम्त उठाऊं आंखें, हुस्न ही हुस्न है ता हद्दे नजर आज की रात​

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​ये महताब नहीं है कि आफ़ताब नहीं, सभी हैं हुस्न मगर इश्क़ का जवाब नहीं​

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​ख़ुद दिल में रहके आंख से पर्दा करे कोई, हां लुत्फ जब है पा के ढूंढा करे कोई​​

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​मोहब्बत का हर भेद पाना भी है, मगर अपना दामन बचाना भी है​​

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