Dec 08, 2024
कुमार विश्वास के 10 शेर: फिर मिरी याद आ रही होगी, फिर वो दीपक बुझा रही होगी
Suneet Singh
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
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उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे, वो मिरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे
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दिल के तमाम ज़ख़्म तिरी हाँ से भर गए, जितने कठिन थे रास्ते वो सब गुज़र गए
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मिरा ख़याल तिरी चुप्पियों को आता है, तिरा ख़याल मिरी हिचकियों को आता है
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