Jan 03, 2025

जुदाई पर 10 मशहूर शेर: नया इक रिश्ता पैदा क्यूं करें हम, बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूं करें हम

Suneet Singh

​अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें​

- अहमद फराज़

Credit: Pexels

​आप के बा'द हर घड़ी हम ने, आप के साथ ही गुज़ारी है​

- गुलज़ार

Credit: Pexels

​अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो, तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो​

- मुनव्वर राना

Credit: Pexels

​उस को जुदा हुए भी ज़माना बहुत हुआ, अब क्या कहें ये क़िस्सा पुराना बहुत हुआ​

- अहमद फराज़

Credit: Pexels

You may also like

मीट मांस नहीं नाश्ते में सबसे ज्यादा ये ...
संघर्ष से सफलता की ओर ले जाएंगी सावित्री...

​मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था, वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था​

- अंजुमन रहबर

Credit: Pexels

​आई होगी किसी को हिज्र में मौत, मुझ को तो नींद भी नहीं आती​

- अकबर इलाहाबादी

Credit: Pexels

​बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है, उसे गले से लगाए ज़माना हो गया है​

- इरफान सिद्दिकी

Credit: Pexels

​वो आ रहे हैं वो आते हैं आ रहे होंगे, शब-ए-फ़िराक़ ये कह कर गुज़ार दी हम ने​

- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Credit: Pexels

​उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था, सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला​

- निदा फाज़ली

Credit: Pexels

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: मीट मांस नहीं नाश्ते में सबसे ज्यादा ये खाते हैं नेपाल के लोग, देखते ही लग जाती है भूख

ऐसी और स्टोरीज देखें