Jul 05, 2025
जोश मलीहाबादी के 10 मशहूर शेर: हद है अपनी तरफ नहीं मैं भी, और उन की तरफ खुदाई है
Suneet Singh
सुबूत है ये मोहब्बत की सादा-लौही का, जब उस ने वादा किया हम ने ए'तिबार किया
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तबस्सुम की सज़ा कितनी कड़ी है, गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है
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वो करें भी तो किन अल्फ़ाज़ में तेरा शिकवा, जिन को तेरी निगह-ए-लुत्फ़ ने बर्बाद किया
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गुज़र रहा है इधर से तो मुस्कुराता जा, चराग़-ए-मज्लिस-ए-रुहानियां जलाता जा
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हां आसमान अपनी बुलंदी से होशियार, अब सर उठा रहे हैं किसी आस्तां से हम
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अब तक न ख़बर थी मुझे उजड़े हुए घर की, वो आए तो घर बे-सर-ओ-सामां नज़र आया
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मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद, लोग कहते हैं कि तुम ने मुझे बर्बाद किया
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