Jul 06, 2025
जिगर मुरादाबादी के 10 मशहूर शेर: धड़कने लगा दिल नज़र झुक गई, कभी उन से जब सामना हो गया
Suneet Singh
आंखों में नमी सी है चुप चुप से वो बैठे हैं, नाज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है
Credit: Pexels
गुदाज़-ए-इश्क़ नहीं कम जो मैं जवां न रहा, वही है आग मगर आग में धुआं न रहा
Credit: Pexels
सुना है हश्र में हर आंख उसे बे-पर्दा देखेगी, मुझे डर है न तौहीन-ए-जमाल-ए-यार हो जाए
Credit: Pexels
ये मय-ख़ाना है बज़्म-ए-जम नहीं है, यहां कोई किसी से कम नहीं है
Credit: Pexels
You may also like
10 रुपये के ब्रेड से बनते हैं ये 10 तरह ...
जब टूटने लगे हौसला, ना दिखे कोई रास्ता, ...
गुनाहगार के दिल से न बच के चल ज़ाहिद, यहीं कहीं तिरी जन्नत भी पाई जाती है
Credit: Pexels
या वो थे ख़फ़ा हम से या हम हैं ख़फ़ा उन से, कल उन का ज़माना था आज अपना ज़माना है
Credit: Pexels
मुझ को नहीं क़ुबूल दो-आलम की वुसअतें, क़िस्मत में कू-ए-यार की दो-गज़ ज़मीं रहे
Credit: Pexels
ये राज़ सुन रहे हैं इक मौज-ए-दिल-नशीं से, डूबे हैं हम जहां पर उभरेंगे फिर वहीं से
Credit: Pexels
सेहन-ए-चमन को अपनी बहारों पे नाज़ था, वो आ गए तो सारी बहारों पे छा गए
Credit: Pexels
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स
Next: 10 रुपये के ब्रेड से बनते हैं ये 10 तरह के चटपटे स्नैक्स, देखते ही चट कर जाते हैं मेहमान
ऐसी और स्टोरीज देखें