Dec 17, 2025
Credit: facebook
Credit: facebook
Credit: facebook
Credit: facebook
यह बात बेटी के मन में डर और हीनभावना भर देती है। जया किशोरी के अनुसार, शादी उम्र से नहीं, मानसिक तैयारी से जुड़ा फैसला है।
Credit: facebook
समाज का डर दिखाकर बेटी पर दबाव बनाना सबसे बड़ी गलती है। इससे वह अपने फैसले साझा करना ही बंद कर सकती है।
Credit: facebook
यह भावनात्मक दबाव है। जया किशोरी कहती हैं, प्यार कभी एहसान बनकर सामने नहीं आना चाहिए।
Credit: facebook
बेटी की सोच और भावनाओं को नकारना उसे अंदर से तोड़ देता है। उसकी बातों को हल्के में लेना संवाद खत्म कर देता है।
Credit: facebook
तुलना बेटी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है। हर इंसान की जिंदगी और समय अलग होता है।
Credit: facebook
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स