Jun 06, 2025

बकरे पर 10 शेर: यूं सजा रखा था कुर्बानी का बकरा शोख ने, दिल हमारा देखते ही देखते बकरी हुआ

Suneet Singh

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​चला आता है ख़ुद अंजाम से अंजान है बकरा, नहीं हरगिज़ नहीं किस ने कहा नादान है बकरा​​



​- शाहीन इक़बाल असर


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​​क़ामत में बकरा ऊंट की क़ीमत का हम-ख़याल, दिल बैठता है उठते ही क़ुर्बानी का सवाल ​​

- सय्यद मोहम्मद जाफ़री

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​नफ़रतों की जंग में देखो तो क्या क्या खो गया, सब्ज़ियां हिन्दू हुईं बकरा मुसलमां हो गया ​

- साग़र ख़य्यामी

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​ज़ैद से ज़ैदी बना और बक्र से बकरी हुआ, सामना बुज़दिल से था मैं इस लिए बकरी हुआ ​



​- ज़फ़र इक़बाल


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​मुल्क में मेरे अम्न की ख़्वाहिश जान-ए-मन, बकरी जैसे बीच में सौ क़स्साबों के ​



​- फ़रहत शहज़ाद


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​बकरी के बच्चों को कमरों में नचाना छोड़ दिया, नाराज न हो अम्मी हमने हर शौक पुराना छोड़ दिया ​



​- राजा मेहदी अली ख़ां


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​गिलहरी, सांप, बकरी और चीता साथ होते हैं, सुना है जंगलों का भी कोई दस्तूर होता है ​



​- ज़ेहरा निगाह


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​जिसके पंजे से कोई खुशनसीब ही छूटता है, मुझे बरसों पहले गांव में अपनी चितकबरी बकरी याद आ गई ​



​- मोहम्मद हनीफ़ रामे


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