May 14, 2026
यूपी के रतौल तो बिहार के कुछ इलाकों में मिलने वाली आम की एक देसी किस्म का लोकल नाम है।
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उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मिलने वाले इस आम का नाम “गधा आम” है। इसका आकार बड़ा होता है, और स्वाद बेहद मीठा माना जाता है।
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बिहार और पूर्वी भारत तो छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में पाया जाने वाला यह आम आकार में काफी बड़ा होता है। लोग मजाक में कहते हैं कि इसे हाथी भी आराम से खा सकता है।
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मध्य प्रदेश में मिलने वाला यह विशाल आम मुगल रानी नूरजहां के नाम पर रखा गया है। इसका वजन कई बार 2 से 3 किलो तक पहुंच जाता है।
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इस आम की नुकीली चोंच तोते की चोंच जैसी दिखती है, इसलिए इसका नाम तोतापरी पड़ा। दक्षिण भारत में यह आम जूस और अचार बनाने के लिए काफी मशहूर है।
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चौसा आम उत्तर भारत का बेहद लोकप्रिय और रसदार आम माना जाता है। इसका नाम बिहार के चौसा इलाके से जुड़ा है। यह आम मीठे स्वाद, गहरे पीले रंग और भरपूर रस के लिए खास पहचान रखता है।
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तमुरिया आम बिहार और पूर्वी भारत के कुछ ग्रामीण इलाकों में पाया जाता है। इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है। स्थानीय लोग इसे पारंपरिक देसी आम मानते हैं, जो गर्मियों में खास तौर पर अचार और चटनी बनाने के काम आता है।
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दूधिया आम अपने हल्के पीले-सफेद गूदे और बेहद मुलायम टेक्सचर के लिए जाना जाता है। इसका स्वाद इतना मीठा और क्रीमी होता है कि लोग इसे “दूध जैसा नरम” आम भी कहते हैं।
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लंगड़ा आम उत्तर भारत की सबसे मशहूर आम किस्मों में गिना जाता है। इसका नाम भले ही अजीब लगे, लेकिन इसका स्वाद बेहद मीठा, रसीला और खुशबूदार होता है। वाराणसी का लंगड़ा आम खास पहचान रखता है।
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