Oct 20, 2025

चिराग पर 10 मशहूर शेर: इस उम्मीद पे रोज चराग जलाते हैं, आने वाले बरसों बाद भी आते हैं

Suneet Singh

​रात को जीत तो पाता नहीं लेकिन ये चराग़, कम से कम रात का नुक़सान बहुत करता है​​

- ​इरफ़ान सिद्दीक़ी

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​जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा, किसी चराग़ का अपना मकां नहीं होता​

- वसीम बरेलवी

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​दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से, इस घर को आग लग गई घर के चराग़ से​​



​- महताब राय ताबां


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​रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी, देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है​​



​- वसीम बरेलवी


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​शहर के अंधेरे को इक चराग़ काफ़ी है, सौ चराग़ जलते हैं इक चराग़ जलने से​​



​- एहतिशाम अख्तर


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​कौन ताक़ों पे रहा कौन सर-ए-राहगुज़र, शहर के सारे चराग़ों को हवा जानती है​​



​- अहमद फ़राज़


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​अभी तो जाग रहे हैं चराग़ राहों के, अभी है दूर सहर थोड़ी दूर साथ चलो​​



​- अहमद फ़राज़


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​दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूं आई, कि जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चराग़​​



​- फ़िराक़ गोरखपुरी


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​आबला-पा कोई इस दश्त में आया होगा, वर्ना आंधी में दिया किस ने जलाया होगा​​



​- मीना कुमारी नाज़


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