Apr 09, 2025
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बाबा साहेब ने हमेशा कहा कि शिक्षा से ही आप अपने अधिकार छीन सकते हैं। शिक्षा को वह सबसे बड़ा हथियार बताते थे।
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बाबा साहेब अंबेडकर शिक्षा की तुलना शेरनी के दूध से किया करते थे। वो कहते थे कि जो यह दूध पियेगा वो दहाड़ेगा।
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बाबा साहेब मानते थे कि शिक्षा का यही महत्व है कि वह समाजहित में सदैव प्रयासरत रहती है, तांकि एक सभ्य समाज का निर्माण हो सके।
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वह ये भी कहा करते थे कि शिक्षा सदैव धर्मनिरपेक्ष होनी चाहिए। उसे किसी विशेष धर्म या संप्रदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
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