Mar 26, 2026

अहमद फराज के 10 मशहूर शेर: ज़िंदगी से यही गिला है मुझे, तू बहुत देर से मिला है मुझे

Suneet Singh

​रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ, आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ​

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​तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़', दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला​

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​अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें​

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​हुआ है तुझ से बिछड़ने के बा'द ये मा'लूम, कि तू नहीं था तिरे साथ एक दुनिया थी​

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​किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम, तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ​

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​हम को अच्छा नहीं लगता कोई हमनाम तिरा, कोई तुझ सा हो तो फिर नाम भी तुझ सा रक्खे​

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​दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है, और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता​

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​आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर, जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे​

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​और 'फ़राज़' चाहिए कितनी मोहब्बतें तुझे, माओं ने तेरे नाम पर बच्चों का नाम रख दिया​

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