भारत की वो जनजाति जहां हर मर्द बनता है घर जमाई, जायदाद की उत्तराधिकारी होती है महिलाएं

Shashank Shekhar Mishra

Jun 29, 2025

​​​पुरुष प्रधान समाज​​



​​दुनिया के अधिकांश देश में पुरुष प्रधान समाज है। घर की संपत्तियों पर पहला अधिकार पुरुषों का होता है।


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​​​लेकिन क्या आपको पता है भारत में रहने वाला एक समुदाय ऐसा भी है जो महिला प्रधान समाज है।​​

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​​​खासी आदिवासी​​

जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा... मेघालय में पायी जाने वाली खासी आदिवासी समुदाय मातृसत्तात्मक प्रणाली को अपनाता है।

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​​यह जनजाति समाज, पर्यावरण और स्त्री-सशक्तिकरण का अद्वितीय उदाहरण है।​

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​​​दूल्हे को छोड़ना पड़ता है घर​​

एक रिपोर्ट के अनुसार खासी जनजाति में पुरुष जब घर की किसी सबसे छोटी बेटी से विवाह करता है तो दुल्हन को नहीं बल्कि दूल्हे को घर छोड़ना पड़ता है।

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​​इतना ही नहीं घर की महिलाएं ही पारिवारिक संपत्ति की उत्तराधिकारी होती है।​

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​​खासी जनजाति मेघालय की तीन प्रमुख जनजातियों में से एक है। इनकी भाषा को खासी कहा जाता है। ​

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​​खासी जनजाति के लोग जंगल को देवताओं का घर मानते हैं। ​

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​​खासी जनजाति में जंगल को काटना और वन्य जीवों का शिकार करना वर्जित है। ​

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