Sep 24, 2025
इसका एक कारण यह हो सकता है कि उन्होंने केवल पांच वर्षों तक भारत पर राज किया। (तस्वीर-Meta AI)
Credit: Meta AI
कहा जाता है कि शेरशाह सूरी की गिनती उन शासकों में होती है जिसके साथ इतिहास ने न्याय नहीं किया। (तस्वीर-Meta AI)
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शेरशाह की मौत के 10 वर्षों के भीतर उनके वंश का शासन भी समाप्त हो गया। (तस्वीर-Meta AI)
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शेरसाह का इतिहास लिखने वाले केआर कानूनगो के मुताबिक वह शासन के मामले में अकबर से कम नहीं थे। (तस्वीर-Meta AI)
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शेरशाह का असली नाम फरीद था और उन्होंने मुगल सेना में काम किया था। (तस्वीर-Meta AI)
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बाबर के साथ 1528 में शेरशाह चंदेरी के अभियान में भी गए थे। (तस्वीर-Meta AI)
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बाद में वह बिहार के एक छोटे सरगना जलाल खां के दरबार में काम करने लगे। (तस्वीर-Meta AI)
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शेरशाह, हुमायूं के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गए थे। युद्ध कौशल में शेरसाह, हुमायूं से बेहतर थे। (तस्वीर-Meta AI)
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बाबर की मौत के बाद उसका बेटा हुमायूं बंगाल जीतना चाहता था लेकिन बीच में शेरशाह सूरी का इलाका पड़ता था। (तस्वीर-Meta AI)
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