May 15, 2025
भारतीय इतिहास में मुगलों के बनाए किले और कई इमारतें और बाजार आज भी भारत की शान बने हुए हैं
Credit: wikimedia/social media
दिल्ली का जिक्र होते ही वहां के चांदनी चौक (chandni chowk) की तस्वीर जरूर जेहन में आती है
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गौरतलब है कि दिल्ली का चांदनी चौक बहुत ही पुराना बाजार है और इसका इतिहास 370 साल से भी ज्यादा पुराना है
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इतिहासकारों के मुताबिक पहले इस जगह को शाहजहानाबाद के नाम से जाना जाता था वहीं मुगल बादशाह शाहजहां की बेटी जहांआरा को खरीदारी करने का बेहद शौक था
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शाहजहां की बेटी जहांआरा दिल्ली के अलग-अलग बाजारों से सामान खरीदकर लाती थी शाहजहां को उसके इस शौक के बारे में पता चला
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तब शाहजहां ने एक ऐसा बाजार बनवाने की सोची जहां हर सामान एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस बाजार का नाम पड़ा चांदनी चौक जो बेहद ही प्रसिद्ध बाजार है
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शाहजहां ने अपनी बेटी के इस शौक को पूरा करने के लिए दिल्ली के लाल किले के आगे पूरा एक बाजार बसा दिया था जो बाद में फैलता ही चला गया
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बता दें कि चांदनी चौक का निर्माण साल 1650 में शुरू हुआ था इस बाजार के बीच की जगह खाली छोड़ी गई थी, जिसमें से यमुना नदी का पानी आता था पर अब स्थिति ऐसी नहीं है यहां का पानी सूख चुका है
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दिल्ली के चांदनी चौक की पहचान आज देश से लेकर विदशों तक में है और हर तरह की खरीदारी के लिए इस बाजार की बेहद प्रसिद्धि है क्योंकि यहां सब कुछ मिल जाता है
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