Aug 09, 2023

इन 5 जैसा कोई नहीं, अगर न होते तो भारत कभी नहीं पहुंच पाता चांद तक

Amit Mandal

​महान आर्यभट्ट​

महान आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार किया था। उन्होंने ही पहली बार सोचा था कि शून्य जैसी कुछ संख्या मौजूद है। आर्यभट्ट ने संख्याओं को आगे बढ़ाने और एक पूर्ण गणना करने के लिए दशमलव का उपयोग किया। इसी दशमलव को उन्होंने शून्य कहा।

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​'आर्यभट्ट' हुआ लॉन्च ​

उनके नाम पर ही भारत ने पहले उपग्रह का प्रक्षेपण किया था। 'आर्यभट्ट' को 19 अप्रैल 1975 को लॉन्च किया गया था।

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​होमी जहांगीर भाभा​

होमी जहांगीर भाभा (30 अक्टूबर, 1909 - 24 जनवरी, 1966) भारत के एक प्रमुख वैज्ञानिक और विजनरी थे जिन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की कल्पना की थी।

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​भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक​

होमी भाभा भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष थे। परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बुलंदियों पर पहुंचाने का श्रेय काफी हद तक उन्हें ही जाता है।

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​डॉ. विक्रम साराभाई​

डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है। विक्रम साराभाई भारतीय भौतिक विज्ञानी और उद्योगपति थे जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान शुरू किया था।

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​ISRO को स्थापित किया​

उनकी कोशिशों का ही नतीजा रहा कि हमारे देश के पास आज इसरो (ISRO) जैसी विश्व स्तरीय संस्था है। साराभाई ने 1963 को वैज्ञानिकों के साथ अंतरिक्ष में एक छोटा रॉकेट लॉन्च किया था।

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​एपीजे अब्दुल कलाम​

एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति नाम से भी जाने जाते हैं। भारत के 11वें राष्ट्रपति बनने से पहले वह जाने-माने वैज्ञानिक और इंजीनियर के रूप में प्रसिद्ध थे।

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​मिसाइल मैन​

उन्होंने सिखाया जीवन में चाहें जैसे भी परिस्थिति क्यों न हो पर जब आप अपने सपने को पूरा करने की ठान लेते हैं तो उन्हें पूरा करके ही रहते हैं। उन्होंने भारतीय मिसाइल कार्यक्रम को बुलंदियों तक पहुंचाया था।

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​अनिल काकोदकर​

अनिल काकोदकर एक भारतीय परमाणु भौतिक विज्ञानी एवं यांत्रिक इंजीनियर हैं। नवम्बर, 2009 तक वे भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव थे। वह भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक भी रह चुके थे।

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