भारतीय इतिहास का सबसे कमजोर और अभागा मुगल बादशाह, पूरी उम्र भटकता रहा दर-दर

Amit Mandal

Apr 08, 2025

​सबसे कमजोर और अभागा​

दूसरे मुगल बादशाह हुमायूं को अपने साम्राज्य पर नियंत्रण बनाए रखने के संघर्ष के लिए याद किया जाता है। उसे सबसे कमजोर और अभागा बादशाह माना जाता है।

Credit: Wikimedia

​22 साल की उम्र में सत्ता मिली​

हुमायूं 26 दिसंबर, 1530 को 22 वर्ष की उम्र में सिंहासन पर बैठा था। उनके शासनकाल में आंतरिक संघर्ष और प्रतिद्वंद्वियों से युद्ध चलता रहा।

Credit: Wikimedia

​​युद्ध के बाद दर-दर भटका​​

6 मार्च, 1508 को काबुल में जन्मा हुमायूं मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का बेटा था और पूरी उम्र युद्ध करता रहा और दर-दर भटकता रहा।

Credit: Wikimedia

​अस्थिरता और लगातार हार​

हुमायूं के शासन में अस्थिरता और लगातार हार हावी रही, जिसने उसे इतिहास के सबसे कमजोर मुगल बादशाहों में से एक बना दिया।

Credit: Wikimedia

You may also like

जिस मुगल शासक के प्यार की निशानी है ताजम...
तुगलक वंश का सबसे मूर्ख राजा, जिसने उजाड...

​​भाई कामरान मिर्जा से संघर्ष​​

उसके सौतेले भाई कामरान मिर्जा को काबुल और कंधार विरासत में मिले, जिससे परिवार के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो गया। इसने मुगल शासन को कमजोर कर दिया।

Credit: Wikimedia

​​सबसे बड़ा खतरा बना शेर शाह सूरी​​

हुमायूं को गुजरात के बहादुर शाह और शेर शाह सूरी से भी जूझना पड़ा, दोनों ने ही उसके शासन के लिए महत्वपूर्ण खतरे पैदा किए।

Credit: Wikimedia

​​शेर शाह सूरी ने हराया​​

हुमायूं के शासनकाल में सबसे अहम नाकामियों में से एक शेर शाह सूरी से उसकी हार थी। 1539 में चौसा की लड़ाई में हुमायूं को शेर शाह से करारी हार का सामना करना पड़ा।

Credit: Wikimedia

​​भागने पर किया मजबूर​​

अगले साल 1540 में शेर शाह ने कन्नौज की लड़ाई में हुमायूं को निर्णायक रूप से हरा दिया, जिससे उसे भारत से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

Credit: Meta AI

इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स

Next: जिस मुगल शासक के प्यार की निशानी है ताजमहल, उसने की थी 8 शादियां

ऐसी और स्टोरीज देखें