May 18, 2025
Credit: Meta AI
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ईस्ट इंडिया कंपनी के कैप्टन विलियम हॉकिंस ने अंग्रेजों की भारत में जड़ें जमाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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सूरत उस समय भारत का प्रमुख समुद्री व्यापार केंद्र था, जहां से मुगल साम्राज्य अन्य देशों के साथ व्यापार करते थे।
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कैप्टन विलियम हॉकिंस भी सूरत में अपनी व्यापारिक गतिविधियां स्थापित करना चाहता था, लेकिन इसके लिए मुगल बादशाह की अनुमति जरूरी थी।
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जिसके कारण जहांगीर ने हॉकिंस को अपने दरबार में ही रोक लिया, और उसे 400 सवारों का मनसबदार बना दिया।
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हॉकिंस ने 5 साल तक मुगलों की सेवा की, लेकिन अंदर ही अंदर वह ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए योजनाएं बनाता रहा।
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1616 में इंग्लैंड का राजदूत सर टॉमस रो भारत आया, जिसने नूरजहां और शाहजहां को कीमती तोहफे देकर प्रभावित किया।
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एक मामूली व्यापारिक जहाज से भारत में दाखिल हुई ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे अपनी सेना और ताकत बढ़ाई।
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यह वही सेना थी, जिसने आगे चलकर मुगलों को कमजोर किया और भारत को ब्रिटिश हुकूमत का गुलाम बना दिया।
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