Jan 09, 2026
टर्मिनेटर वह रेखा है, जहां दिन और रात मिलते हैं। तस्वीर में इसके ऊपर का हिस्सा रोशन है, जबकि नीचे का हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में डूबा है।
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बुध पर सूर्योदय और सूर्यास्त सामान्य ग्रहों जैसे नहीं होते। यहां सूरज कुछ जगहों पर उगकर थोड़ी देर में डूब जाता है और फिर दोबारा उग आता है।
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बुध का घूर्णन और उसकी कक्षा इतनी अनोखी है कि कुछ इलाकों में सूरज एक ही दिन में कई बार उगता और डूबता हुआ दिखाई देता है।
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बुध की कक्षा अंडे जैसी (Egg-shaped orbit) है। इसी वजह से यह कभी सूरज के बहुत पास और कभी काफी दूर चला जाता है।
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बुध सूर्य से कभी करीब 29 मिलियन मील और कभी 43 मिलियन मील दूर होता है। यही दूरी का फर्क उसके तापमान को भी बेहद चरम बनाता है।
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बुध 88 दिनों में सूर्य का एक चक्कर पूरा कर लेता है। इसकी रफ्तार करीब 29 मील प्रति सेकंड है, जो इसे सबसे तेज ग्रह बनाती है।
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बुध की सतह चंद्रमा जैसी है, जो उल्कापिंडों और धूमकेतुओं के टकराव से बने गड्ढों से भरी हुई है।
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तस्वीर में दिख रही हल्की क्रीम रंग की रेखाओं को क्रेटर रेज़ (Crater Rays) कहा जाता है, जो टकराव के बाद बनी होती हैं।
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आकार में छोटा होने के बावजूद बुध ग्रह दिन-रात, गति और कक्षा के मामले में सौरमंडल के सबसे रहस्यमयी ग्रहों में शामिल है।
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