Sep 20, 2025
मुगल काल केवल किलों और स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विलासिता और भव्य हरम के लिए भी जाना जाता है।
Credit: Canva AI
मुगल दरबार में औरतों का चयन अक्सर खास मेलों से किया जाता था, जो नौरोज और खुशरोज का मेला होता था।
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मेलों में देशभर की सुंदर और कला प्रेमी स्त्रियां हिस्सा लेती थीं। बादशाह अपनी पसंद की महिलाओं को चुनकर उन्हें हरम में शामिल कर लेते थे।
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प्रसिद्ध किताब The Mughal Harem के मुताबिक, मुगल बादशाहों की खास पसंद बंगाली और कश्मीरी महिलाएं थीं।
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बंगाली महिलाएं अपनी सुंदरता, संगीत और नृत्य-कला के लिए प्रसिद्ध थी। वहीं कश्मीरी महिलाएं रूप, गुण और आकर्षण के कारण विशेष रूप से जानी जाती थीं।
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मुगल हरम केवल स्त्रियों का निवास स्थान नहीं था, बल्कि यह शाही जीवन के भोग-विलास का केंद्र भी था। हरम में शराब, संगीत और नृत्य का माहौल हमेशा रहता था।
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हरम की महिलाएं न केवल सौंदर्य का प्रतीक थीं बल्कि वे दरबार की राजनीतिक काम-काज और शक्ति-संतुलन में भी अहम भूमिका निभाती थीं।
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मुगल काल में पत्नियों की तुलना में उपपत्नियां और दासियां अधिक प्रभावशाली होती थीं।
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हरम के अंदर सिर्फ महिलाएं और हिजडे़ रहा करते थे. हिजड़ों को ‘ख्वाजा सार’ कहा जाता था।
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