भारतीय इतिहास का सबसे 'बुद्धिमान मूर्ख बादशाह'...गुस्से में बहाता था खून
Amit Mandal
मोहम्मद बिन तुगलक
मध्यकालीन बादशाह मोहम्मद बिन तुगलक का नाम तो आपने सुना ही होगा, ये बादशाह अपने अजीबोगरीब फैसलों और कारनामों के कारण इतिहास में दर्ज हो गया।
Credit: Wikimedia
तुगलकी फरमान
तुगलक ने 1324-51 तक शासन किया था और अपने कई प्रयोगधर्मी फैसलों के कारण चर्चित रहा। उसकी वजह से ही ‘तुगलकी फरमान’ जैसा शब्द चलन में आया।
Credit: Meta AI / Wikimedia
बुद्धिमान मूर्ख राजा
उसके फैसले ऐसे रहे कि उसे बेसब्र प्रवृत्ति का माना गया और इसी कारण उसे ‘बुद्धिमान मूर्ख राजा’ का भी खिताब मिला।
Credit: Wikimedia
पागलपन के कुछ अंश थे
अंग्रेज इतिहासकार एम एम्फिस्टन के अनुसार तुगलक में पागलपन के कुछ अंश थे, जबकि आशीर्वाद लाल श्रीवास्तव के अनुसार उसमें विरोधी तत्वों का मिश्रण था।
Credit: Wikimedia
You may also like
किन-किन राजाओं ने अखंड भारत पर किया था र...
BSF के सामने पिद्दी से बांग्लादेश बॉर्डर...
तुगलक की फिजूलखर्ची से अकाल
तुगलक की फिजूलखर्ची के कारण 1344 ईस्वी का भयंकर अकाल पड़ा था। कहा जाता है कि इस दौर मे मनुष्यों ने एक-दूसरे को खाया था।
Credit: Wikimedia
दिल्ली की जगह देवगिरी को राजधानी बनाया
सत्ता पर काबिज होते ही मुहम्मद बिन तुगलक ने तुगलकी फरमान जारी किए। उसने 1329 में दिल्ली की जगह देवगिरी को अपनी राजधानी बना दिया, जिसे दौलताबाद के नाम से जाना गया।
Credit: Wikimedia
दिल्ली की आबादी को भी जाने का हुक्म
उसने अपने गुगलकी फरमान के तहत न सिर्फ राजधानी को बदला, बल्कि दिल्ली की आबादी को भी दौलताबाद जाने का आदेश दिया था।
Credit: Wikimedia
चलाए पीतल-तांबे के सिक्के
मुहम्मद बिन तुगलक ने चांदी के सिक्के के स्थान पर पीलत और तांबे के सिक्का जारी किए थे। वह अधिक से अधिक दौलत जुटाकर दुनिया जीतना चाहता था। देखा जाए तो ये उसका दूरदर्शी फैसला था।
Credit: Wikimedia
तुगलक के दो शौक
तुगलक के बारे में इब्नबतूता ने लिखा कि उसके दो प्रिय शौक थे, खुशफहमी में उपहार देना और क्रोध में खून बहाना। वह लोगों को खौफनाक सजा देता था।
Credit: Wikimedia
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स
Next: किन-किन राजाओं ने अखंड भारत पर किया था राज, कहां तक थी सीमा?