Dec 04, 2025

कौन थी जंग-ए-मैदान में उतरने वाली मुगल सल्तनत की एकमात्र रानी?

Piyush Kumar

​राजनीति की शादी​

जहांगीर से विवाह सिर्फ मुहब्बत नहीं था। यह वह घटना थी जिसने दरबार की पूरी शक्ति-संतुलन को बदल दिया।

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​नूरजहां का उदय ​

जहांगीर शराब और शिकार में अधिक व्यस्त रहते थे, जिससे प्रशासन की बागडोर धीरे-धीरे नूरजहाँ के हाथों में आ गई।

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​​कूटनीति में माहिर​

वह फारसी, तुर्की और मुगल राजनीति को गहराई से समझती थीं। विरोधी उन्हें "खतरनाक" कहते थे क्योंकि वे फैसले निर्भीकता से लेती थीं।

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​​बड़ा राजनीतिक दर्जा ​​

मुगल साम्राज्य में उनके नाम के सिक्के ढाले गए। यह किसी भी रानी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक दर्जा था।

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​युद्धभूमि में उतरने वाली एकमात्र रानी ​

मेहर-उन-निसा सिर्फ महल तक सीमित नहीं रहीं—उन्होंने शाहजहाँ के विद्रोह, महावत खान के विद्रोह और तमाम संकटों में खुले तौर पर सत्ता संभाली।

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​संस्कृति की बादशाह​

उन्होंने मुगल वस्त्रशैली, इत्र, आभूषण और कला में नए ट्रेंड शुरू किए—जो आगे चलकर मुगल पहचान का हिस्सा बने।

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​महावत खान का विद्रोह​

जब महावत खान ने जहांगीर को बंधक बना लिया, नूरजहाँ ने सीधे संघर्ष में उतरकर अपने पति को मुक्त कराया—इतिहास में यह घटना उनकी बहादुरी की सबसे बड़ी पहचान है।

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​शाहजहां से टकराव ​

शाहजहाँ और नूरजहां की राजनीतिक लड़ाई में अंततः शाहजहाँ विजयी रहा, और नूरजहाँ की शक्ति सीमित होने लगी।

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​अंत में भी सम्मान ​

राजनीतिक प्रभाव कम होने के बाद भी वह सम्मानित रहीं, और लाहौर में शांत जीवन जीते हुए उनका निधन हुआ।

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