Mar 22, 2026
कसोल को भारत का “मिनी इजरायल” कहा जाता है। यहां इजरायली पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं और यहां की संस्कृति पर उनका खास प्रभाव दिखता है।
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धर्मकोट को “पहाड़ों का तेल अवीव” भी कहा जाता है। यहां इजरायली सैलानी और यहूदी धार्मिक स्थल (चबाड हाउस) मौजूद हैं।
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पहाड़गंज में भी इजरायली पर्यटकों की भारी मौजूदगी रहती है। यहां चबाड हाउस और इजरायली कल्चर का असर साफ दिखता है।
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नरीमन हाउस को भी “मिनी इजरायल” कहा जाता है। यह यहूदी समुदाय का प्रमुख केंद्र है।
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हिमाचल प्रदेश के कई इलाके इजरायली पर्यटकों के पसंदीदा हैं, जहां हिब्रू भाषा के बोर्ड और इजरायली कैफे तक देखने को मिलते हैं।
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इन जगहों पर इजरायली लोगों की बड़ी संख्या, उनका खाना, भाषा और संस्कृति स्थानीय जीवन में घुल-मिल गई है।
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“मिनी इजरायल” कहलाने वाली ये जगहें सिर्फ टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि भारत और इजरायल के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक भी हैं।
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मणिपुर और मिजोरम में रहने वाले बेनेई मेनाशे समुदाय खुद को इजरायल से जुड़ा मानते हैं।
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भारत में इन जगहों पर इजरायली संस्कृति और भारतीय जीवनशैली का अनोखा मेल देखने को मिलता है, जो इन्हें खास बनाता है।
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