Mar 28, 2026
PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाई जाती है और इसकी सप्लाई लगातार बनी रहती है।
Credit: AI IMAGE/ istock
वहीं LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस सिलेंडर के रूप में घरों तक पहुंचती है, जिसे खत्म होने के बाद दोबारा बुक करना पड़ता है।
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दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर सप्लाई सिस्टम का है, जहां PNG में लगातार गैस मिलती है, वहीं LPG में सिलेंडर खत्म होने पर नई व्यवस्था करनी पड़ती है।
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PNG और LPG गैस को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि आखिर दोनों में क्या फर्क है और कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है।
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सुविधा के लिहाज से PNG उपभोक्ताओं को बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से मुक्त रखती है, जबकि LPG में बार-बार सिलेंडर बुक करना पड़ता है।
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स्टोरेज के लिहाज से देखें तो PNG को घर में स्टोर करने की जरूरत नहीं होती, जबकि LPG सिलेंडर के रूप में घर में रखा जाता है।
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खर्च की बात करें तो PNG में उपभोक्ता को मीटर के हिसाब से बिल देना होता है, जो कई मामलों में LPG सिलेंडर के मुकाबले किफायती साबित होता है।
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हाल के समय में पश्चिम एशिया में तनाव के चलते LPG की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसके कारण कई लोग PNG की ओर रुख कर रहे हैं।
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सुरक्षा के मामले में PNG को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर तेजी से फैल जाती है, जबकि LPG भारी होने के कारण जमीन पर जमा हो सकती है और खतरा बढ़ा सकती है।
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PNG को सुविधा और आधुनिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, वहीं LPG आज भी देश के कई हिस्सों में भरोसेमंद और व्यापक रूप से उपलब्ध ईंधन बना हुआ है।
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